– ANCIENT SPECIAL LIVER STRENGTHENING FORMULATION-JAUNDICE- अजीर्ण – INDIGESTION

– ANCIENT SPECIAL LIVER STRENGTHENING FORMULATION-JAUNDICE- अजीर्ण – INDIGESTION

अम्लपित्त,कब्ज़, गैस-व्याधि,  आदि रोगों के बारे में बहुत ही उपयोगी हैं. अब इस आर्टिकल में यहाँ अजीर्ण रोग उत्पन्न होने के कारणों और इसकी चिकित्सा के बारे में उपयोगी और गुणकारी जानकारी प्रस्तुत की जा रही है.

अजीर्ण को मेडिकल भाषा में डिस्पेप्सिया (dyspepsia ) कहते हैं. खाया हुआ आहार पूरी तरह न पचे, इसे अपच या अजीर्ण कहते हैं. इस स्थिति का निर्माण होता है गलत ढंग से आहार-विहार करने से, और यह स्थिति कई रोगों को जन्म देती है. आमाशय और आँतों की क्रिया बिगड़ने से आहार ठीक से पचता नहीं और अजीर्ण हो जाता है. इसे मेडिकल भाषा में, लक्षणों के अनुसार, एक्यूट गैस्ट्राइटिस (acute gastritis ) या इनडाइजेशन (indigestion ) भी कहते हैं.

अजीर्ण के कारण (causes of ajirn , dyspepsia or indigestion ) – गरिष्ठ यानि भारी देर से पचने वाले चिकनाईयुक्त स्निग्ध , बासे, तले हुए, तेज़ मिर्चमसालेदार पदार्थों का अति मात्रा में और लगातार सेवन करना , खाया हुआ भोजन पचने से पहले फिर से भोजन या कोई भारी खाद्य पदार्थ खा लेना, मादक द्रव्यों का सेवन करना आदि कारणों से पाचन क्रिया बिगड़ती है. खानपान और दिनचर्या में अनियमितता अपच का प्रमुख कारण होता है और अपच होना ही अजीर्ण होना होता है.

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